एडमिशन से रिपोर्ट कार्ड तक, गेट से फीस काउंटर तक, Chalkbell स्कूल का पूरा दिन एक ही सिस्टम में चलाता है। साथ में आपके स्कूल के नाम से वेबसाइट और पैरेंट ऐप।
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Chalkbell भारत के प्राइवेट स्कूलों के लिए स्कूल मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर (स्कूल ERP) है। एडमिशन, अटेंडेंस, फीस, परीक्षा, ट्रांसपोर्ट और पैरेंट्स से बातचीत, सब एक ही स्टूडेंट रिकॉर्ड पर चलते हैं। स्कूल के पहले से लगे RFID रीडर से अटेंडेंस लगती है, ऑनलाइन फीस सीधे स्कूल के अपने Razorpay खाते में जाती है, और CBSE फॉर्मेट के रिपोर्ट कार्ड बनते हैं। AI दो काम में मदद करता है: रिपोर्ट कार्ड के रिमार्क का पहला ड्राफ्ट, और लिखे हुए नियमों से बिना टकराव वाला टाइमटेबल। हर बार टीचर देखकर ही सेव करते हैं।
क्लास के हिसाब से फीस, भाई-बहन और स्टाफ की छूट, किश्तें, लेट फाइन और रसीद। एक ही लेजर, जिस पर ऑफिस और अकाउंटेंट दोनों भरोसा करें।
बच्चा कार्ड टैप करता है और समय के हिसाब से प्रेजेंट या लेट लग जाता है। पुराने रीडर भी काम कर सकते हैं।
हर बच्चे के नंबर और अटेंडेंस से रिमार्क का पहला ड्राफ्ट बनता है। टीचर बदलकर सेव करते हैं। बच्चे का नाम AI को नहीं भेजा जाता।
"लंच के बाद गणित नहीं" जैसे नियम सीधे लिखिए। सिस्टम ऐसा टाइमटेबल बनाता है जिसमें कोई टीचर एक समय पर दो क्लास में न हो।
पैरेंट्स Google Play से आपके स्कूल के नाम और लोगो वाला ऐप डाउनलोड करते हैं। फीस, अटेंडेंस और रिज़ल्ट की सूचना वहीं मिलती है।
पैरेंट्स और ऑफिस मैप पर स्कूल बस को चलते हुए देख सकते हैं।
स्कूल मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर (स्कूल ERP) वह सिस्टम है जिसमें एडमिशन, अटेंडेंस, फीस, परीक्षा, टाइमटेबल और पैरेंट्स से बातचीत एक ही जगह होती है। Chalkbell में ये सब एक ही स्टूडेंट रिकॉर्ड पर चलते हैं, इसलिए कुछ भी दोबारा टाइप नहीं करना पड़ता।
हाँ। पैरेंट्स स्कूल के ऐप से UPI, कार्ड या नेट बैंकिंग से फीस भरते हैं। पैसा सीधे स्कूल के अपने Razorpay खाते में जाता है और रसीद अपने आप बन जाती है।
AI दो काम करता है: हर बच्चे के नंबर, अटेंडेंस और को-स्कॉलास्टिक ग्रेड से रिपोर्ट कार्ड रिमार्क का पहला ड्राफ्ट बनाता है, और लिखे हुए नियमों से टाइमटेबल बनाने में मदद करता है। टीचर या कोऑर्डिनेटर के सेव करने से पहले कुछ भी सेव नहीं होता।
नहीं। रिमार्क के लिए AI को सिर्फ S1, S2 जैसे कोड के साथ नंबर और अटेंडेंस जाते हैं। नाम, एडमिशन नंबर या माता-पिता की जानकारी नहीं भेजी जाती। नाम बाद में Chalkbell खुद जोड़ता है।
हाँ। कई स्कूल पहले अपनी वेबसाइट और पैरेंट ऐप लेते हैं, फिर फीस, अटेंडेंस, परीक्षा और ट्रांसपोर्ट जोड़ते हैं। सब एक ही स्टूडेंट रिकॉर्ड पर चलता है।
हर मॉड्यूल एक ही स्टूडेंट रिकॉर्ड में लिखता है, इसलिए कुछ भी दोबारा टाइप नहीं करना पड़ता।
Chalkbell puts AI into the two jobs that eat the most staff time at term end and session start: writing report card remarks and building the timetable. AI drafts, a teacher decides.
Set the fee once per class. Chalkbell works out every student's dues, with their concessions, instalments and late fines, and keeps one ledger the office and the accountant both trust.
Not "download our app and find your school". Parents install an app with your school's name and logo, and everything the school sends lands there.
अपना नंबर छोड़िए, हम उसी कामकाजी दिन हिंदी या अंग्रेज़ी में कॉल करेंगे।